“पहली नज़र, आख़िरी रात” Ep 1

Episode 1 – पहली नज़र, आख़िरी रात | Romantic Suspense Story

Episode 1 – पहली नज़र, आख़िरी रात

EPISODE 1 • पहली नज़र, आख़िरी रात

रात के साढ़े बारह बज चुके थे। शहर की सड़कों पर बस ऑटो की दूर से आती आवाज़ें थीं, और खिड़की से अंदर घुसती हल्की-सी ठंडी हवा।

आर्यन लैपटॉप के सामने बैठा था, आँखों के नीचे काले घेरे, स्क्रीन पर आधा बना हुआ डिज़ाइन। फ्रीलांस graphic designer होना उतना cool नहीं था जितना लोग समझते हैं। क्लाइंट की “urgent revision” और नींद की “pending किस्त” – दोनों का EMI वो रोज़ भरता था।

पर आज उसके थकने की वजह काम नहीं थी। आज उसको थकाया था – ख़ामोशी ने।

उसने घड़ी देखी – 12:32 AM
WhatsApp खोला – कोई new message नहीं
Instagram खोला – सिर्फ़ 2–3 meme pages के reels

“यार, ज़िंदगी में excitement नाम की कोई चीज़ बची भी है?”

उसने खुद से पूछा, और कुर्सी से उठकर balcony में चला गया।

शहर के ऊपर फैली पीली-पीली street lights दूर तक पसरी थीं। कभी-कभी हवा के साथ कोई हँसी की, कोई गाड़ी की, कोई dog के भौंकने की आवाज़ आती और फिर सब शांत।

तभी उसे आज का वही scene याद आया – सुबह वाली Metro

सुबह की भीड़, शाम का ख्याल

सुबह office के लिए निकलते वक्त metro हमेशा की तरह भरी हुई थी। लोग फोन में झुके, earphones लगाए, अपने-अपने दुनिया में गुम।

आर्यन corner वाली pole पकड़कर खड़ा था, और automatic doors के ऊपर दौड़ती लाल लाइन देख रहा था – “Next Station: राजनगर”

तभी उसे महसूस हुआ कि उसके बगल में किसी ने जगह बनाने की कोशिश की। एक हल्की-सी खुशबू – किताबों और बारिश की मिली-जुली – उसके पास से गुज़रकर उसके दिल तक आ बैठी।

उसने sideways देखा।

सामने वो थी।

साधारण cotton kurti, छोटे-छोटे झुमके, गीले बालों में फँसी दो-तीन बारिश की बूँदें, और हाथ में एक भूरे रंग की diary। उसकी नज़र खिड़की से बाहर भागते पेड़ों पर थी – जैसे वो उनसे ही बात कर रही हो।

Metro के हल्के झटके से diary उसके हाथ से फिसली और सीधा आर्यन के पाँव के पास आ गिरी।

“ओह, sorry!”

उसने झुककर diary उठाई और उसकी तरफ बढ़ाई।

लड़की ने पहली बार उसकी तरफ देखा। वो नज़र… कुछ अलग थी। कोई movie वाली heroine वाली चमक नहीं, बस थोड़ी-सी थकी, थोड़ी-सी गहरी, और बहुत ज़्यादा सच्ची।

“Thanks,”

उसने हल्की-सी मुस्कान के साथ कहा।

आर्यन ने diary वापस देने से पहले बस एक पल के लिए cover पर नज़र डाली। Brown cover पर black ink से लिखा था –

“सिया की बातें”
“कुछ बातें दुनिया के लिए नहीं, बस खुद के लिए…”

उसे लगा जैसे किसी ने उसके अंदर की दीवार पर knock किया हो।

“Nice title,”

उसके मुँह से अपने-आप निकल गया।

लड़की – सिया – ने ज़रा-सा चौंककर उसे देखा।

“आपने पढ़ लिया?”

“Bas ऊपर का,” उसने जल्दी से कहा, “आगे नहीं पढ़ा, promise.”

सिया हँस दी।

“कोई पढ़ भी ले तो क्या ही कर लेगा… जो लिखा है, वो तो वैसे भी मेरे अंदर है।”

Metro में भीड़ बढ़ गई थी, लोग उनके बीच में आ गए। दोनों एक-दूसरे से थोड़ा दूर हो गए, पर आर्यन के दिमाग़ में अब भी वही line घूम रही थी –

“कुछ बातें दुनिया के लिए नहीं, बस खुद के लिए…”

अगले station पर rush थोड़ा कम हुआ। आर्यन ने उसे फिर खोजने के लिए head घुमाया – वो सामने वाली seat पर बैठ गई थी, और diary खोलकर कुछ लिख रही थी।

वो इतना तो नहीं देख पाया कि वो क्या लिख रही है, पर इतना ज़रूर notice कर गया कि हर line के बाद वो थोड़ी देर रुकती, बाहर देखती, और फिर अगला शब्द लिखती – जैसे हर शब्द से पहले वो उससे permission ले रही हो।

उसका station आ गया। Doors open हुए, भीड़ उतरने लगी।

वो एक पल के लिए रुका –

“कुछ बोलूँ? Insta ID माँग लूँ? या बस यूँ ही जाने दूँ?”

मन ने कहा – “बोल ना, ज़िंदगी में पहली बार कोई interesting मिला है।”
दिमाग़ बोला – “Same metro route है, फिर मिल जाएगी, ज़्यादा desperate मत बन।”

आख़िर में उसने वही किया जो ज़्यादातर लोग करते हैं – कुछ नहीं

बस जाते-जाते पीछे मुड़कर देखा। सिया अब भी diary में कुछ लिख रही थी। उसे लगा, शायद इस बार वो किसी अनजान लड़के के बारे में लिख रही होगी, जो बस देखता रहा और कुछ बोला नहीं।

वापस रात में – balcony, ख़ामोशी और एक अनजान message

Balcony में खड़े-खड़े उसे हँसी आ गई।

“कल अगर फिर मिली तो बात करूँगा… pakka,”

उसने हवा से वादा किया।

वो कमरे में वापस आया, phone उठाया, और आदत से मजबूर Instagram खोल लिया।

Notifications – 1 new follower request, 2 likes, 1 DM.

उसने DMs खोले। Top पर एक unknown ID से message था:

@instavide_official

Profile picture – completely black, बस corner में एक छोटा-सा सफ़ेद सा नाम लिखा था: “बेआवाज़”

“किस-किस को accept किया था मैंने…” वो बुदबुदाया।

DM खोलते ही उसने देखा –

@KhoiSiAawaz

Message 1 (11:07 AM):
“आज Metro में तुम पहली बार मुस्कुराए।”

Message 2 (11:08 AM):
“तुम्हें वो diary वाली लड़की पसंद आई, है ना?”

Message 3 (Just Now):
“उससे दूर रहना… ये तुम्हारे बस की नहीं।”

आर्यन का दिल एक पल के लिए रुक गया।

वो सीधा bed पर बैठ गया, phone को घूरते हुए।

“ये कौन है?
मैंने तो किसी को नहीं बताया metro वाली लड़की के बारे में। Kabir से भी नहीं, insta story भी नहीं डाली… तो फिर…?”

उसने जल्दी से प्रोफाइल खोला।

Zero posts. Zero followers. Zero following.

बस bio में लिखा था –

“मैं वही लिखता हूँ जो तुम महसूस करते हो, पर किसी से कहते नहीं।”

एक ठंडी लहर उसकी रीढ़ से गुज़र गई।

उसने typing शुरू की –

“तुम कौन हो?”

कुछ सेकंड तक कोई जवाब नहीं आया। Online/typing का status भी नहीं दिखा।

वो उठकर पानी पीने गया, वापस आया – तब तक एक नया message आ चुका था।

@KhoiSiAawaz

“तुम्हें याद नहीं होगा, पर मैं तुम्हारे साथ उस रात भी था… पुल वाली रात।”

उसके हाथ से phone लगभग छूट गया।

“कौन-सी रात? कौन-सा पुल?”

उसके ज़हन में हल्की-हल्की धुँधली images तैरने लगीं – काली रात, तेज़ बारिश, चीखने की आवाज़, और पानी में गिरते किसी के कंगन की छन-छन।

उसने माथे पर हाथ रखा। यह image उसे पहले भी कई बार सपने में दिखी थी, पर उसने कभी seriously नहीं सोचा… आज पहली बार उसे लगा –

“क्या ये सच में हुआ था?”

उसने जल्दी-जल्दी reply लिखा –

“तुम क्या बोल रहे हो? कौन-सा पुल? मैंने तो कभी…”

Message भेजने से पहले ही एक नया text आ गया –

@KhoiSiAawaz

“सो जाओ, आर्यन।
वो diary वाली लड़की तुम्हारी story का नया chapter है।
पर पुल वाली रात… वो तुम्हारी किताब का फटा हुआ पन्ना है।”

इस बार उसने reply नहीं किया। उसने बस स्क्रीन लॉक की, phone उल्टा कर दिया, और छत घूरने लगा।

दिल तेज़ धड़क रहा था। दिमाग़ में एक ही सवाल घूम रहा था –

“ये @KhoiSiAawaz कौन है, जो मुझे ‘नाम से’ जानता है, मेरी metro वाली बात जानता है, और किसी ऐसी रात की बात कर रहा है जो मुझे याद ही नहीं…?”

थोड़ी देर बाद उसने खुद को शांत करने के लिए deep breath ली।

“हो सकता है कोई friend मज़ाक कर रहा हो,”

उसने खुद को समझाया।

पर अंदर से एक हल्की-सी आवाज़ ने कहा –

“या हो सकता है… ये वही हो, जो उस रात सच में वहाँ था।”

Episode 1 यहीं खत्म होता है – balcony के बाहर हल्की-सी हवा चल रही है, और कमरे के अंदर, मेज़ पर पड़े phone की screen एक बार फिर light होती है।
Notification bar पर बस इतना लिखा आता है –
New Post from @KhoiSiAawaz
(पर आर्यन उसे देख नहीं पाता… अभी नहीं।)
Episode 1 समाप्त। अगले episode में – क्या सिया और पुल वाली रात, दोनों एक ही कहानी के हिस्से हैं?

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